7 Point About Indian Prime Minister Rajiv

राजनीति से भागते थे
राजीव गांधी के बारे में कहा जाता है कि उनकी राजनीति में कोई रुचि नहीं थी। वह इसमें कभी अपना करियर नहीं बनाना चाहते थे। उनका सपना हवाई उड़ान में था। यह उनका जुनून था और वह इसी में अपना करियर बनाना चाहते थे। शायद तभी इंग्‍लैंड से पढ़ाई पूरी कर जब वह भारत लौटे तो दिल्ली फ्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए। यह परीक्षा राजीव गांधी पास कर गए और वाणिज्यिक पायलट का लाइसेंस प्राप्त प्राप्‍त कर लिया। इसके बाद वह एक पायलट के रूप में उभरे।

इंदिरा गांधी ने प्रेशर बनाया

कम उम्र में ही राजीव गांधी को अपने प्रिय भाई संजय गांधी की मौत का दुख सहना पड़ा था। 1980 में एक विमान दुर्घटना में उनके भाई संजय गांधी की मौत हो गई। इसके बाद से ही उनकी मां इंदिरा गांधी ने उनपर राजनीति में प्रवेश करने का दबाव बनाया। जिसमें उन्‍हें उत्तर प्रदेश के अमेठी संसद क्षेत्र में संजय की खाली सीट से उपचुनाव में जीत हासिल की थी।

अध्यक्ष एवं देश के प्रधानमंत्री  

राजीव गांधी की लाइफ में भी एक आम इंसान की लाइफ की तरह ही कई सारे टर्निंग प्‍वाइंट आए। लन्दन के इम्पीरियल कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले राजीव गांधी को राजनीति में आना ही पड़ा। 31 अक्टूबर 1984 को उनकी मां इंदिरा गांधी की हत्‍या से वह काफी दुखी हुए। इसके बाद उन पर कांग्रेस का नेतृत्‍व करने का दबाव बना। जिसके बाद वह कांग्रेस अध्यक्ष एवं देश के प्रधानमंत्री बनाए गए। http://inextlive.jagran.com/7-point-about-indian-prime-minister-rajiv-201508200002

Source: Interesting News